Avinash Pathak 1390th week in Earth

पिछला शनिवार समाज के लिए आंदोलन 


(धन की बात 168 व लेख )
महीनो बाद समय मिला की लिख पाऊं
6 महीने के लिए घर में रहकर, सारे कार्य करने का फैसला किया है,
पाठक पंच सिद्धांत का चैलेंज लिया है अभी 32 व दिन है ...
बुधवार था तो धन की बात लेख लिखा, अगले बुधवार की भी योजना बन गई..... 
8.02 - अभी पुस्तक पापाजी को एक पुस्तक नही मिली अपने 7 पीढ़ी की पुस्तक संग्रह में देखी नही मिली, तो कॉल किया और दुकान बन्द थी इससे uho library और avinaas strore का विचार और प्रबल हुआ 
शॉर्ट स्टोरी लिखी अब रोज लिखा करूंगा, पुस्तकों के प्रकाशन के पहले ये बड़ा 

2.20- हर एकादशी, पूर्णिमा में मन भर के रोता हूं ये मुझे पूर्ण मानव होने का एहसास देता है, नही कोई दुःख नही, कोई कारण भौतिक नही , कारण विशुद्ध आधत्मिक प्रेम , मैने ये अनुभव किया है,







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